नागदा में पराली आग से रेलवे ट्रैक बाधित, बड़ा हादसा टला

Mon 20-Apr-2026,05:44 PM IST +05:30

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नागदा में पराली आग से रेलवे ट्रैक बाधित, बड़ा हादसा टला Nagda-Stubble-Fire-Railway-Track-Incident
  • नागदा में पराली जलाने से लगी आग रेलवे ट्रैक तक पहुंची, जिससे दिल्ली–मुंबई रेल मार्ग करीब 30 मिनट तक बाधित रहा।

  • गेटमैन अनुज गुर्जर की सतर्कता से देहरादून एक्सप्रेस को समय रहते रोका गया, जिससे बड़ा रेल हादसा टल गया।

  • घटना के बाद रेलवे विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित किसान के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Delhi / Delhi :

Delhi/ घटना नागदा के पास रूपेटा रेलवे फाटक के नजदीक की है, जहां एक किसान द्वारा जलाई गई पराली की आग धीरे-धीरे फैलकर रेलवे ट्रैक के आसपास पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने झाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और स्थिति गंभीर हो गई। प्रशासन की सख्त चेतावनियों के बावजूद पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो इस बार रेलवे संचालन के लिए बड़ा खतरा बन गई।

इसी दौरान मुंबई से देहरादून जा रही देहरादून एक्सप्रेस को गुजरने का सिग्नल मिल चुका था। मौके पर तैनात गेटमैन Anuj Gurjar ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत अधिकारियों को सूचना दी और ट्रेन को रोकने का अनुरोध किया। रेलवे अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को समय रहते रोक दिया, जिससे एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

इसके बाद फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया और आग पर काबू पाया गया। आग बुझने के बाद ही ट्रेन को सुरक्षित तरीके से आगे रवाना किया गया। इस पूरी घटना के चलते रेलवे ट्रैक लगभग आधे घंटे तक बाधित रहा, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ और कई ट्रेनें देरी से चलीं।

घटना स्थल पर Rajendra Singh सहित आरपीएफ और सिग्नल स्टाफ के कर्मचारियों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। सभी की संयुक्त कोशिशों से स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। गेटमैन अनुज गुर्जर की सतर्कता और त्वरित निर्णय की सराहना की जा रही है, क्योंकि उनकी सूझबूझ ने यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उस समय ट्रैक से कोई डीजल या कोयला मालगाड़ी गुजर रही होती, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। इसके बावजूद अब तक संबंधित खेत मालिक के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है।

रेलवे विभाग ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। Ashok Yadav के अनुसार, ट्रैक मेंटेनेंस विभाग द्वारा प्रशासन को पत्र भेजकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।